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शाम की अधकार मार्गदर्शिका: लिप्यंतरण के साथ संपूर्ण सूची

शाम की अधकार (अजार अल-मास) की संपूर्ण मार्गदर्शिका अरबी पाठ, लिप्यंतरण, अनुवाद, और प्रत्येक धिक्र को आस्र के बाद कितनी बार पढ़ा जाना चाहिए इसके साथ।

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नफ़्स टीम

·6 min read

शाम की अधकार क्यों महत्वपूर्ण हैं

शाम की अधकार (अजार अल-मास) रात के लिए आपका आध्यात्मिक कवच हैं। जैसे सुबह की अधकार आपको दिन भर सुरक्षित रखती हैं, शाम की प्रार्थनाएं अंधकार की घड़ियों में सुरक्षा, कृतज्ञता, और अल्लाह के निकटता प्रदान करती हैं।

पैगंबर (अल्लाह उन पर शांति हो) अपनी शाम की अधकार के साथ लगातार थे और अपने साथियों को उन्हें कभी नहीं छोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। एक वर्णन में, उन्होंने अपनी बेटी फातिमा (अल्लाह उन्हें प्रसन्न करे) से कहा: “क्या मैं तुम्हें एक सेवक से बेहतर कुछ नहीं सिखाऊं?” — और फिर उन्हें सोने से पहले कहने के लिए एक धिक्र सिखाया।

ये प्रार्थनाएं सब कुछ कवर करती हैं: नुकसान से सुरक्षा, दिन के लिए कृतज्ञता, कमियों के लिए माफी मांगना, और आत्मा को नींद के लिए और जो कुछ भी अल्लाह ने रात के लिए निर्धारित किया है उसके लिए तैयार करना।

पढ़ने का समय कब है

शाम की अधकार को आस्र की नमाज़ के बाद मग़रिब तक पढ़ा जाना चाहिए। कुछ विद्वान इसे मग़रिब के बाद तक बढ़ाते हैं।

सबसे मजबूत राय यह है कि शाम की अधकार का समय आस्र में शुरू होता है और सबसे अच्छा समय आस्र और मग़रिब के बीच है। हालांकि, अगर आप इस खिड़की को मिस करते हैं, तो आप रात के पहले तिहाई तक भी उन्हें पढ़ सकते हैं।

महत्वपूर्ण बात लगातारता है, भले ही आपका समय सही न हो।

संपूर्ण शाम अधकार

1. आयत अल-कुर्सी (अल-बकरा 2:255)

एक बार पढ़ें।

पैगंबर (अल्लाह उन पर शांति हो) ने कहा: “जो भी शाम को आयत अल-कुर्सी पढ़े उसे सुबह तक सुरक्षा दी जाएगी।”

अरबी: اللَّهُ لَا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ الْحَيُّ الْقَيُّومُ ۚ لَا تَأْخُذُهُ سِنَةٌ وَلَا نَوْمٌ ۚ لَهُ مَا فِي السَّمَاوَاتِ وَمَا فِي الْأَرْضِ ۗ مَنْ ذَا الَّذِي يَشْفَعُ عِنْدَهُ إِلَّا بِإِذْنِهِ ۚ يَعْلَمُ مَا بَيْنَ أَيْدِيهِمْ وَمَا خَلْفَهُمْ ۖ وَلَا يُحِيطُونَ بِشَيْءٍ مِنْ عِلْمِهِ إِلَّا بِمَا شَاءَ ۚ وَسِعَ كُرْسِيُّهُ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ ۖ وَلَا يَئُودُهُ حِفْظُهُمَا ۚ وَهُوَ الْعَلِيُّ الْعَظِيمُ

लिप्यंतरण: अल्लाहु ला इलाहा इल्ला हुवल-हय्युल-क़य्युम। ला ताख़ुधुह सिनातुन व ला नवम। लह्हु मा फिस-समावाती व मा फिल-अर्द। मन धल-लधी यश्फा’अु इन्दहु इल्ला बी-इधनिह। याअलमु मा बैना अयदीहिम व मा खल्फहुम। व ला यु हीतुना बी-शय्इन मिन इलमिही इल्ला बिमा शा’। व सि’अ अ कुर्सीयुहुस-समावाती वल-अर्द। व ला या’उदुह हिफ़धुहुमा। व हुवल-अलीयुल-अधीम।

अनुवाद: “अल्लाह — कोई देवता नहीं है सिवाय उसके, शाश्वत-जीवन, अस्तित्व का निर्वाहक। न तो नींद उसे लेती है और न ही निद्रा। आसमानों में जो कुछ है और पृथ्वी पर जो कुछ है वह उसका है। कौन है जो उससे उसकी अनुमति के बिना मध्यस्थता कर सके? वह जानता है जो उनके सामने है और जो उनके बाद है, और वे उसके ज्ञान से कुछ भी नहीं समझ सकते सिवाय उसके जो वह चाहता है। उसकी कुर्सी आसमानों और पृथ्वी को फैलाती है, और उनकी रक्षा उसे नहीं थकाती। और वह सर्वोच्च, सर्वश्रेष्ठ है।“

2. सूरा अल-इख़लास (112), अल-फलक (113), और अन-नास (114)

प्रत्येक तीन बार पढ़ें।

ये तीन सूरें मिलकर मु’अव्विधात (सुरक्षा सूरें) के नाम से जानी जाती हैं। पैगंबर (अल्लाह उन पर शांति हो) उन्हें अपनी कुप्पी हुई हथेलियों में पढ़कर हर शाम अपने शरीर पर फूंकते थे।

सूरा अल-इख़लास: قُلْ هُوَ اللَّهُ أَحَدٌ ۝ اللَّهُ الصَّمَدُ ۝ لَمْ يَلِدْ وَلَمْ يُولَدْ ۝ وَلَمْ يَكُن لَّهُ كُفُوًا أَحَدٌ

क़ुल हुवा अल्लाहु अहद। अल्लाहुस-सामद। लम यलिद व लम यु लद। व लम यकुन लह्हु कुफुवन अहद।

सूरा अल-फलक: قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ الْفَلَقِ ۝ مِن شَرِّ مَا خَلَقَ ۝ وَمِن شَرِّ غَاسِقٍ إِذَا وَقَبَ ۝ وَمِن شَرِّ النَّفَّاثَاتِ فِي الْعُقَدِ ۝ وَمِن شَرِّ حَاسِدٍ إِذَا حَسَدَ

क़ुल अउधु बी-रब्बिल-फलक़। मिन शर्रि मा खलक़। व मिन शर्रि ग़ासिक़िन इधा व क़ब। व मिन शर्रिन-नफ़्फ़ासाती फिल-उक़द। व मिन शर्रि हासिदिन इधा हसद।

सूरा अन-नास: قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ النَّاسِ ۝ مَلِكِ النَّاسِ ۝ إِلَٰهِ النَّاسِ ۝ مِن شَرِّ الْوَسْوَاسِ الْخَنَّاسِ ۝ الَّذِي يُوَسْوِسُ فِي صُدُورِ النَّاسِ ۝ مِنَ الْجِنَّةِ وَالنَّاسِ

क़ुल अउधु बी-रब्बिन-नास। मालिकिन-नास। इलाहिन-नास। मिन शर्रिल-वस्वासिल-खन्नास। अल-लधी यु वस्विसु फी सु दूरिन-नास। मिनल-जिन्नति वन-नास।

3. शाम सुरक्षा दुआ

तीन बार पढ़ें।

अरबी: بِسْمِ اللَّهِ الَّذِي لَا يَضُرُّ مَعَ اسْمِهِ شَيْءٌ فِي الْأَرْضِ وَلَا فِي السَّمَاءِ وَهُوَ السَّمِيعُ الْعَلِيمُ

लिप्यंतरण: बिस्मिल्लाहिल-लधी ला यदुरु मआस्मिही शय्उन फिल-अर्दि व ला फिस-समा’ई व हुवस-समी’उल-अलीम।

अनुवाद: “अल्लाह के नाम में, जिसके नाम के साथ पृथ्वी पर या आसमान में कोई भी नुकसान नहीं पहुंचा सकता, और वह सर्वश्रोता, सर्वज्ञ है।”

पैगंबर (अल्लाह उन पर शांति हो) ने कहा: “जो कोई शाम को यह तीन बार कहे, सुबह तक उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा।“

4. शाम सय्यिद अल-इस्तिग़्फार

एक बार पढ़ें।

अरबी: اللَّهُمَّ أَنْتَ رَبِّي لَا إِلَهَ إِلَّا أَنْتَ، خَلَقْتَنِي وَأَنَا عَبْدُكَ، وَأَنَا عَلَى عَهْدِكَ وَوَعْدِكَ مَا اسْتَطَعْتُ، أَعُوذُ بِكَ مِنْ شَرِّ مَا صَنَعْتُ، أَبُوءُ لَكَ بِنِعْمَتِكَ عَلَيَّ، وَأَبُوءُ بِذَنْبِي فَاغْفِرْ لِي فَإِنَّهُ لَا يَغْفِرُ الذُّنُوبَ إِلَّا أَنْتَ

लिप्यंतरण: अल्लाहुम्मा अंता रब्बी, ला इलाहा इल्ला अंता, खलक़्तनी व अना अब्दुका, व अना अला अह्दिका व वा’दिका मस्तता’तु। अउधु बिका मिन शर्रि मा सना’तु। अबूउ लका बी नी’मतिका अलय्या, व अबूउ बिधनबी, फ़ाग़्फिर ली फ़ा इन्नह ला यग़्फिरुद-धुनूब इल्ला अंता।

अनुवाद: “हे अल्लाह, आप मेरे प्रभु हैं। कोई देवता नहीं है सिवाय आपके। आपने मुझे बनाया और मैं आपका सेवक हूं। मैं अपने अनुबंध और वादे के प्रति वफादार हूं जितना कि मैं कर सकता हूं। मैं उसे आप से शरण लेता हूं जो मैंने किया है। मैं आपके आशीर्वाद को स्वीकार करता हूं और मैं अपने पाप को स्वीकार करता हूं, इसलिए मुझे माफ करो, क्योंकि कोई पाप को माफ नहीं कर सकता सिवाय आपके।”

पैगंबर (अल्लाह उन पर शांति हो) ने कहा: “जो कोई शाम को दृढ़ विश्वास के साथ यह कहे और उस रात मर जाए, तो वह स्वर्ग के लोगों में से होगा।“

5. शाम की प्रार्थना

एक बार पढ़ें।

अरबी: أَمْسَيْنَا وَأَمْسَى الْمُلْكُ لِلَّهِ، وَالْحَمْدُ لِلَّهِ، لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيكَ لَهُ، لَهُ الْمُلْكُ وَلَهُ الْحَمْدُ وَهُوَ عَلَى كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ. رَبِّ أَسْأَلُكَ خَيْرَ مَا فِي هَذِهِ اللَّيْلَةِ وَخَيْرَ مَا بَعْدَهَا، وَأَعُوذُ بِكَ مِنْ شَرِّ مَا فِي هَذِهِ اللَّيْلَةِ وَشَرِّ مَا بَعْدَهَا

लिप्यंतरण: अमसैना व अमसल-मुल्कु लिल्लाह, वल-हम्दु लिल्लाह, ला इलाहा इल्लल्लाहु वह्दहु ला शरीक लह, लह्हुल-मुल्कु व लह्हुल-हम्दु व हुवा अला कुल्लि शय्इन क़दीर। रब्बी अस्अलुका खैर मा फी हाधिहिल-लैलति व खैर मा बा’दहा, व अउधु बिका मिन शर्रि मा फी हाधिहिल-लैलति व शर्रि मा बा’दहा।

अनुवाद: “हम शाम को पहुंचे और आधिपत्य अल्लाह का है। सभी प्रशंसा अल्लाह के लिए है। कोई देवता नहीं है सिवाय अल्लाह के अकेले, उसका कोई साझीदार नहीं। उसी का आधिपत्य है और उसी की प्रशंसा है, और वह सभी चीजों पर सक्षम है। मेरे प्रभु, मैं आपसे इस रात की अच्छाई और उसके बाद की अच्छाई मांगता हूं, और मैं इस रात की बुराई और उसके बाद की बुराई से आपकी शरण लेता हूं।“

6. नुकसान से सुरक्षा मांगना

तीन बार पढ़ें।

अरबी: أَعُوذُ بِكَلِمَاتِ اللَّهِ التَّامَّاتِ مِنْ شَرِّ مَا خَلَقَ

लिप्यंतरण: अउधु बी-कलिमातिल-लाहित-तम्मती मिन शर्रि मा खलक़।

अनुवाद: “मैं अल्लाह के पूर्ण शब्दों में उसकी रचना की बुराई से सुरक्षा लेता हूं।”

पैगंबर (अल्लाह उन पर शांति हो) ने कहा: “जो शाम को यह कहे, उस रात उसे कोई नुकसान नहीं आएगा।“

7. सुभहानल्लाह, अल-हम्दु लिल्लाह, अल्लाहु अकबर

प्रत्येक 33 बार पढ़ें, फिर एक बार निम्नलिखित के साथ पूरा करें:

لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيكَ لَهُ، لَهُ الْمُلْكُ وَلَهُ الْحَمْدُ، وَهُوَ عَلَى كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ

ला इलाहा इल्लल्लाहु वह्दहु ला शरीक लह, लह्हुल-मुल्कु व लह्हुल-हम्दु, व हुवा अला कुल्लि शय्इन क़दीर।

8. पैगंबर पर आशीर्वाद

दस बार पढ़ें।

अरबी: اللَّهُمَّ صَلِّ وَسَلِّمْ عَلَى نَبِيِّنَا مُحَمَّدٍ

लिप्यंतरण: अल्लाहुम्मा सल्ली व सल्लिम अला नबीयिना मु हम्मद।

अनुवाद: “हे अल्लाह, हमारे पैगंबर मुहम्मद पर आशीर्वाद और शांति भेजो।”

पैगंबर (अल्लाह उन पर शांति हो) ने कहा: “जो शाम को मुझ पर दस बार आशीर्वाद भेजे, मेरी अंतिम समय की मदद प्रलय के दिन उस तक पहुंचेगी।“

9. माफी मांगना

तीन बार पढ़ें।

अरबी: أَسْتَغْفِرُ اللَّهَ وَأَتُوبُ إِلَيْهِ

लिप्यंतरण: अस्तग़्फिरुल्लाहा व अतूबु इलैह।

अनुवाद: “मैं अल्लाह से माफी मांगता हूं और उसके पास लौटता हूं।“

यह कितने समय लगता है?

संपूर्ण शाम अधकार सेट मध्यम गति से पढ़ते समय लगभग 10-15 मिनट लगते हैं। यह औसत सोशल मीडिया सेशन से कम समय है।

अगर आप शुरुआत कर रहे हैं, तो पहले चार के साथ शुरू करें (आयत अल-कुर्सी, तीन कुल, सुरक्षा दुआ, और सय्यिद अल-इस्तिग़्फार)। ये सुन्नत में सबसे अधिक जोर दिए गए हैं और केवल 3-4 मिनट लगते हैं।

शाम अधकार की आदत बनाना

शाम अधकार के साथ सबसे बड़ी चुनौती ज्ञान नहीं है — यह लगातारता है। यहां व्यावहारिक सुझाव दिए गए हैं:

इसे आस्र की नमाज़ से जोड़ें। आस्र और अपनी अधकार के बीच समय न बीतने दें। नमाज़ के बाद तस्बीह के तुरंत बाद उन्हें पूरा करें जबकि आप अभी भी बैठे हों।

एक समर्पित स्थान रखें। एक प्रार्थना का कोना, एक विशेष कुर्सी, एक स्थान जिसे आप पूजा से जोड़ते हैं। पर्यावरण व्यवहार को आकार देता है।

एक भौतिक मुस्हाफ या मुद्रित कार्ड का उपयोग करें। अपने सामने अधकार होने से “मुझे भूल गया कि आगे क्या है” का बहाना हटा देता है। यह आपको इस समय अपने फोन से दूर भी रखता है।

इसे शांति के समय के साथ जोड़ी। शाम की अधकार स्वाभाविक रूप से आपको एक शांत रात के लिए तैयार करती है। इसे अपने सक्रिय दिन और अपनी शाम की आराम के बीच संक्रमण के रूप में उपयोग करें।

व्यापक दृष्टिकोण के लिए सभी दैनिक अधकार के बारे में और एक स्थायी अभ्यास बनाने के लिए, हमारी दैनिक अधकार की संपूर्ण मार्गदर्शिका देखें।

सुरक्षा जो आप याद कर रहे हैं

हम में से कई लोग अपने दरवाजे बंद करते हैं, अलर्ट सेट करते हैं, और सुरक्षा कैमरे लगाते हैं। लेकिन हम उस सुरक्षा को नजरअंदाज करते हैं जो सभी चीजों के निर्माता से आती है।

शाम की अधकार केवल शब्द नहीं हैं। वे एक ढाल हैं जिसका पैगंबर (अल्लाह उन पर शांति हो) ने अपने जीवन के हर दिन उपयोग किया। अगर वह — सभी लोगों में सबसे सुरक्षित — कभी उन्हें नहीं छोड़ते थे, तो हमारे बारे में क्या?

आज रात शुरू करो। भले ही यह सिर्फ आयत अल-कुर्सी और तीन कुल हों। शाम की अधकार को रात आने से पहले आखिरी अच्छी चीज़ होने दो।

प्रार्थना में अपना दिन समाप्त करो, और रात को तुम्हें शांति में ले जाने दो।


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संपूर्ण मार्गदर्शिका के साथ शुरू करें: दैनिक अधकार की संपूर्ण मार्गदर्शिका: सुबह, शाम और नमाज़ के बाद

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